Wednesday, October 9, 2013

केमिस्ट्री के लिए इन्हें मिला नोबेल पुरस्कार

रॉयल स्वीडिश अकादमी ने मेडिसिन, फिजिक्स के बाद केमिस्ट्री के लिए भी नोबेल पुरस्कार की घोषणा कर दी है।

इस साल केमिस्ट्री में नोबेल पुरस्कार मा‌र्टिन करप्लस, माइकल लेविट और ए. वार्शल को संयुक्त रूप से दिया जाएगा। इन तीनों वैज्ञानिकों को 'मल्टीस्केल मॉडल्स फॉर काम्पलेक्स केमिकल सिस्टम्स' के लिए यह पुरस्कार दिया जाएगा।

मार्टिन करप्लस अमेरिकी-ऑस्ट्रियन और ए. वार्शल अमेरिकी-इजरायली नागरिक हैं। वहीं माइकल हेविट ब्रिटिश-इजरायली नागरिक हैं और स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं।

nobel prize winner in chemistry


इन वैज्ञानिकों को भौतिकी का नोबेल

इससे पहले मंगलवार को ब्रह्मांड का सबसे छोटा कण खोजने वाले दो वैज्ञानिकों को भौतिक शास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया।

इस कण (गॉड पार्टिकल) की खोज पिछले साल हुई। ब्रिटेन के 84 वर्षीय वैज्ञानिक पीटर हिग्स और बेल्जियम के फ्रंकोइस इंग्लर्ट को संयुक्त रूप से वर्ष 2013 का नोबेल पुरस्कार दिया जाएगा। 

हिग्स ने वर्ष 1964 में ही अति सूक्ष्म कण हिग्स-बोसॉन के अस्तित्व की भविष्यवाणी कर दी थी। नोबेल पुरस्कार समिति ने कहा कि इस भविष्यवाणी के बाद यह बताना संभव हुआ कि पदार्थ में द्रव्यमान क्यों होता है।

दोनों वैज्ञानिकों को 80 लाख स्वीडिश क्राउन (करीब 12 लाख डॉलर) की इनामी राशि दी जाएगी।

पिछले साल दुनिया के सबसे बड़े प्रयोग के बाद स्विट्जरलैंड की सर्न प्रयोगशाला में इस सूक्ष्म कण के मौजूद होने का ऐलान किया गया था। इसके बाद ही इन दोनों को नोबेल पुरस्कार का दावेदार समझा जाने लगा था।

पुरस्कार की घोषणा करते हुए रॉयल स्वीडिश अकादमी ने एक बयान में कहा कि यह सिद्धांत पार्टिकल फिजिक्स के मानक का केंद्रीय हिस्सा है, जो बताता है कि हमारे ब्रह्मांड का निर्माण कैसे हुआ।

हिग्स कण का सिद्धांत 1964 में पीटर हिग्स ने अपनी टीम के पांच सदस्यों के साथ दिया था। 

भौतिकी का पहला नोबेल पुरस्कार 1901 में एक्सरे की खोज करने वाले जर्मनी के विल्हेम रोंगटन को दिया गया था। 

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